मुक्तिधाम के नियम -क्या पता है आपको

मुक्तिधाम या श्मशान, कलयुग के चलते हम सब कई बार देखते है के मुक्ति धाम में भी हम अपना फ़ोन, मज़ाक और बातें स्थगित नहीं करते और शुरू रहते है,

ध्यान रखे जो जीव मृत्युलोक से पलायन होकर परमात्मा में विलीन हो रहा है वह भी एक संदेशवाहक है, पर जो सबसे महत्वपूर्ण बात जो हम आपको बता रहे है वह यह है की, जो भी मनुष्य मुक्तिधाम या श्मशान में उपस्थित होता है उन पर क्षेत्रज्ञ देव की नजर होती है।

हम यह भूल जाते है की हमे भी मरने के बाद यहीं पर लाया जाएगा, तब क्षेत्रज्ञ देव उसके साथ क्या करेंगे, यह वही जानते हैं।


मुक्तिधाम यम का क्षेत्र होता है, जहां पर यमदेव की ओर से एक क्षेत्रज्ञ देव नियुक्त होते हैं। प्रत्येक क्षेत्र के क्षेत्रज्ञ देव होते हैं और सभी के अलग-अलग कार्य होते हैं।

इसलिए आप जब भी मुक्तिधाम या शमशान जाये, कृपया करके हंसी-मजाक या किसी प्रकार की अनुचित वार्तालाप ना करे, प्रेमपूर्वक वहां उपस्थित होकर पलायन करते हुए जीव को आशीर्वाद दे के उसको मोक्ष की प्राप्ति हो और उसके परिवार को भगवन का आशीवार्द बना रहे,

सोचिये ज़रा कभी,

संस्कार क्रिया से शरीर, मन और आत्मा मे समन्वय और चेतना होती है, कृप्या अपने प्रश्न साझा करे, हम सदैव तत्पर रहते है आपके प्रश्नो के उत्तर देने के लिया, प्रश्न पूछने के लिया हमे ईमेल करे sanskar@hindusanskar.org संस्कार और आप, जीवन शैली है अच्छे समाज की, धन्यवाद् 
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