आपका ठीक न होना भी ठीक है,जीवन से संघर्ष ?

यह तथ्य कि आप संघर्ष कर रहे हैं, आपको बोझ नहीं बनाता। यह आपको अप्रिय या अवांछनीय या देखभाल के योग्य नहीं बनाता है। यह आपको बहुत अधिक या बहुत संवेदनशील या बहुत जरूरतमंद नहीं बनाता है।


यह आपको इंसान बनाता है। हर कोई संघर्ष करता है। हर किसी के लिए मुश्किल समय का सामना करना पड़ता है या यह समय हर किसी के जीवन में आता है, और कभी कभी हम भटक या भिखर भी जाते है।


इन समयों के दौरान, हमारे आस-पास रहना हमेशा आसान नहीं होता - और यह ठीक है।


कोई भी व्यक्ति लगभग सौ प्रतिशत समय के लिए आसान नहीं होता है। हाँ, आप कभी-कभी अप्रिय या कठिन हो सकते हैं समझना दूसरो के लिए। और हाँ, आप कभी-कभी ऐसा कर सकते हैं या कह सकते हैं जिससे आपके आस-पास के लोग असहाय या दुखी महसूस करते हैं।

लेकिन यह सभी भावनाओं का उतार चढ़ाव, वे सभी चीजें नहीं हैं जो आप हैं और वे निश्चित रूप से एक इंसान के रूप में आपके मूल्य को कम नहीं करते हैं। आप में भावनाये है, एहि काफी है साबित करने को के आप अभी भी बहुत सुन्दर मनुष्य है, निर्मल, जैसा भगवन ने आपको बनाया था।


सच्चाई यह है कि आप संघर्ष कर सकते हैं और फिर भी प्यार किया जा सकता है। आप मुश्किल हो सकते हैं और फिर भी आपकी देखभाल की जा सकती है। आप पूर्ण से कम हो सकते हैं, और फिर भी करुणा और दया के पात्र हो सकते हैं।


बस आपको अपने को बंद नहीं करना है, क्योकि अगर आप अपने को बंद करेंगे तो अंदर ही अंदर आप अपने ही संचय से ओर अगम्य हो जाएंगे।


आपको बस यह करना है के हसे, मुस्कराये ओर कोशिश करे की खुश रहे, अपनी अंदर की समस्त चरावत को किसी को साझा करे जो आपको समझ सके, बस यह ना सोचे के पूरी दुनिया आपके साथ गलत कर रही है या आप का जीवन वह नहीं दे रहा जो भी आप सोच रहे है।


किसी को यहाँ मुकम्मल जहा नहीं मिलता, १०० प्रतिशत यहाँ कोई नहीं है और यह बिलकुल ठीक है के हम संवेदनशील है, हमारे अंदर कमिया है और हम परेशान भी है, बस ज़रुरत है अपने को स्वीकार करने की।


आप ज़िंदा है, सजीव है ओर साक्षात् है, और एहि सब बदलाव ला सकता है, अपने को प्यार करे ओर खुश रहे, देखिये जीवन कैसे बदलता है आपका।

शिकायत, खेद, कोसना और दोष लगाना अपनी परिस्थितयों के लिए यह जीवन नहीं है, अगर आपको बदलाव देखना है तो खुद को बदले पहले।

संस्कार क्रिया से शरीर, मन और आत्मा मे समन्वय और चेतना होती है, कृप्या अपने प्रश्न साझा करे, हम सदैव तत्पर रहते है आपके प्रश्नो के उत्तर देने के लिया, प्रश्न पूछने के लिया हमे ईमेल करे sanskar@hindusanskar.org संस्कार और आप, जीवन शैली है अच्छे समाज की, धन्यवाद् ।

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